मंगलवार, 31 जुलाई 2018

St Alphonse de Liguori

-Your God is ever beside You, indeed He is even within You.

-If you knew that while you pray to the Lord the Divine Mother, along with the whole of the paradise united with you with what confidence would you pray. Now when you ask of God any grace during the Mass , Jesus prays for you and offers on His behalf the merits of His Passion.

-True He is infinite Majesty but He is also infinite Goodness and infinite Love. There can be no greater Lord than God neither there can be more ardent  lover than He.

-May the two names so sweet and so powerful Jesus and Mary, be always in our hearts and on our lips.

-To save our souls we must live according to the maxims of  Gospel and not according to those of the world.

-Without prayer we have neither light nor strength to advance in the way which leads to God.

-After the love we owe Jesus Christ we must give chief place in our hearts to the love of His Mother Mary.

- Of all devotions that of adoring Jesus in the Blessed Sacrament is the greatest after the sacraments the one dearest to God and the one most helpful to us. 

सोमवार, 30 जुलाई 2018

Pearls of Wisdom-St Francis of Assisi

-Lord make me an instrument of Your peace , where there is hatred let me sow love.

-Preach the Gospel at all times and when it is necessary use words.

-Lord grand that I may not so much seek to be loved.

-A single sunbeam is enough to drive away many shadows.

-Start by doing what is necessary, than what is possible and suddenly you are doing the impossible.


रविवार, 29 जुलाई 2018

पवित्र वचन

ईसा ने उन्हें उत्तर दिया `मैंने तुम लोगों को बताया और तुम विश्वास नहीं करते।  जो कार्य मैं अपने पिता के नाम पर करता हूँ वे ही मेरे विषय में साक्ष्य देते हैं।  किन्तु तुम विश्वास नहीं करते क्यूंकि तुम मेरे भेड़ें नहीं हो।  मेरे भेड़ें मेरी आवाज पहचानती हैं।  मैं उन्हें जनता हूँ और वे मेरा अनुसरण करती हैं।  मैं उन्हें अनंत जीवन प्रदान करता हूँ।  उनका कभी सर्वनाश नहीं होगा और उन्हें मुझसे कोई नहीं छीन सकेगा।  उन्हें मेरे पिता ने मुझे दिया है वह सब से महान है उन्हें पिता से कोई नहीं छीन सकता।  मैं और पिता एक हैं। 

शुक्रवार, 27 जुलाई 2018

प्रभु ईसा से प्रार्थना

प्रभु ईसा हम आपसे गृहणियों, सेवकों के लिए प्रार्थना करते हैं
संत मरथा की तरह वे भी दूसरों में आपको ही देखते हुए सबकी सेवा करें
प्रभु ईसा उन्हें शक्ति प्रदान करिये की वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन अच्छे से कर सकें
प्रभु ईसा संत मरथा की मध्यस्थता से हमारी प्रार्थनाएं स्वीकार करिये। 


गुरुवार, 26 जुलाई 2018

पवित्रात्मा के वरदान

पवित्रआत्मा के सात वरदान प्रज्ञा समझ परामर्श धैर्य ज्ञान धार्मिकता तथा प्रभु का भय है। ईसाइयों को पवित्रआत्मा इन वरदानों द्वारा शक्तियां प्रदान करते हैं ताकि ईसाई प्राकृतिक कौशल से आगे बढ़ सकें और उन्हें मौका देते हैं की वे संसार में सर्वशक्तिमान ईश्वर के विशेष साधन बन सकें।  हम पॉल के पत्रों में पढ़ते हैं किसी को आत्मा के द्वारा प्रज्ञा के शब्द मिलते हैं और किसी को उसी आत्मा द्वारा विश्वास मिलता है।


सोमवार, 23 जुलाई 2018

मसीह की विनम्रता का अनुसरण करें

आप लोग अपने मनोभावों को ईसा मसीह के मनोभावों के अनुसार बना लें।  वह वास्तव में ईश्वर थे और उन को पूरा अधिकार था की वह ईश्वर की बराबरी करें फिर भी उन्होंने दास का रूप धारण कर तथा मनुष्यों के समान बन कर अपने को दीन हीन बना लिया।  और उन्होंने मनुष्य का रूप धारण करने के बाद मरण तक हाँ क्रूस पर मरण तक आज्ञाकारी बन कर अपने को और भी दीन बना लिया। इसलिए ईश्वर ने उन्हें महान बनाया और उन को वह नाम प्रदान किया जो सब नामों में श्रेष्ठ है  जिससे ईसा का नाम सुन कर आकाश पृथ्वी तथा अधोलोक के सब निवासी घुटने टेकें और पिता की महिमा के लिए सब लोग यह स्वीकार करें की ईसा मसीह प्रभु हैं। 

शुक्रवार, 20 जुलाई 2018

संत मरियम मगदलेना हमारे लिए प्रार्थना करिये

ईसा यात्रा करते करते एक गांव आये और मरथा नामक महिला ने अपने यहाँ उनका स्वागत किया।  उसके मरियम नामक एक बहन थी जो प्रभु के चरणों में बैठ कर उनकी शिक्षा सुनती रही।  किन्तु मरथा सेवा सत्कार के अनेक कार्यों में व्यस्त थी।  उसने पास आ कर कहा `प्रभु क्या आप यह ठीक समझते हैं की मेरे बहन ने सेवा सत्कार का पूरा भार मुझ पर ही छोड़ दिया है।  उस से कहिये की वह मेरी सहायता करे।  प्रभु ने उसे उत्तर दिया `मरथा मरथा तुम बहुत से बातों के विषय में चिंतित और व्यस्त हो फिर भी एक ही बात आवश्यक है।  मरियम ने सबसे उत्तम भाग चुन लिया है वह उससे नहीं लिया जायेगा।