गुरुवार, 28 जून 2018

ईसा की नम्रता

थके मांदे और बोझ से दबे हुए लोगों तुम सभी मेरे पास आओ।  मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।  मेरा जुआ अपने ऊपर ले लो और मुझ से सीखो।  मैं स्वाभाव से नम्र और विनीत हूँ। इस तरह तुम अपने आत्मा के लिए शांति पाओगे , क्यूंकि मेरा जुआ सहज है और मेरा बोझ हल्का। 

बुधवार, 27 जून 2018

ईसा संसार का मुक्तिदाता

ईश्वर ने संसार को इतना प्यार किया कि उसने उसके लिए अपने एकलौते पुत्र को अर्पित कर दिया जिससे जो उसमें विश्वास करता है उसका सर्वनाश न हो बल्कि अनंत जीवन प्राप्त करे।  ईश्वर ने अपने पुत्र को संसार में इसलिए नहीं भेजा की वह संसार को दोषी ठहराये।  उसने उसे इसलिए भेजा है कि संसार उसके द्वारा मुक्ति प्राप्त करे।  जो पुत्र में विश्वास करता है वह दोषी नहीं ठहराया जाता है।  जो विश्वास नहीं करता वह दोषी ठहराया जा चुका है क्यूंकि वह ईश्वर के इकलौते पुत्र के नाम में विश्वास नहीं करता।  

मंगलवार, 26 जून 2018

विधाता पर भरोसा

उन्होंने अपने शिष्यों से कहा `इसलिए मैं तुम लोगों से कहता हूँ चिंता मत करो-न अपने जीवन निर्वाह की की हम क्या खाएं और न अपने शरीर की कि हम क्या पहनें क्यूंकि जीवन भोजन और शरीर कपड़ों से बाद कर है।  कौओं को देखो।  वे न तो बोते हैं और न लूंटे हैं उनके न तो भंडार हैं न बखार।  फिर भी ईश्वर उनको खिलता है।  तुम पक्षियों से कहीं बढ़ कर हो।  चिंता करने से तुम में से कौन अपने आयु घड़ी भर भी बढ़ा सकता है।  यदि तुम इतना भी नहीं कर सकते तो फिर दूसरी बातों की चिंता क्यों करते हो।  फूलों को देखो।  वे कैसे बढ़ते हैं।  वे न तो श्रम करते और न कातते हैं।  फिर भी मैं तुम्हें विश्वास दिलाता हूँ की सुलेमान अपने पुरे ठाट बाट में उन में से एक की भी बराबरी नहीं कर सकता था।  खेतों की घास आज भर है और कल चूल्हे में झोंक दे जाएगी।  उसे भी यदि ईश्वर इस प्रकार सजता है तो अल्पविश्वासियों व तुम्हें क्यों नहीं पहनायेगा।  इसलिए खाने पीने की खोज में लगे रह कर चिंता मत करो।  इन सब चीज़ों की खोज में संसार के लोग लगे रहते हैं।  तुम्हारा पिता जानता है की तुम्हें इनकी जरुरत है।  इसलिए उसके राज्य की खोज में लगे रहो।  ये सब चीज़ें तुम्हें यों ही मिल जायेंगीं।  छोटे झुण्ड डरो मत क्यूंकि तुम्हारे पिता ने तुम्हें राज्य देने की कृपा की है। 


Divine Night Vigil - 1st Friday of Every Month | Media Partner : ISHVANI...

सोमवार, 25 जून 2018

प्रभु ईसा का रूपांतरण

छः दिन बाद ईसा ने पेत्रुस याकूब और उसके भाई योहन को अपने साथ ले लिया और उसके वह उन्हें एक ऊँचे पहाड़ पर एकांत में ले चले।  उनके सामने ही ईसा का रूपांतरण हो गया।  उनका मुखमण्डल सूर्य की तरह दमक उठा और उनके वस्त्र प्रकाश के सामान उज्जवल हो गए।  शिष्यों को मूसा और एलिअस उनके साथ बातचीत करते दिखाई दिए।  तब पेत्रुस ने ईसा से कहा `प्रभु यहाँ होना हमारे लिए कितना अच्छा है।  आप चाहें तो तीन तम्बू खड़ा कर दूंगा -एक आपके लिए , एक मूसा के लिए और एक एलिअस के लिए।  वह बोल ही रहा था की उन पर एक चमकीला बदल छा गया और उस बदल में से यह वाणी सुनाई पड़ी `यह मेरा प्रिय पुत्र है।  मैं इस पर अत्यंत प्रसन्न हूँ। 

रविवार, 24 जून 2018

जीवन की रोटी मैं हूँ

लोगों ने ईसा से कहा `प्रभु आप हमें सदा वही रोटी दिया करें।  उन्होंने उत्तर दिया `जीवन की रोटी मैं हूँ।  जो मेरे पास आता है उसे कभी भूख नहीं लगेगी और जो मुझ में विश्वास करता है उसे कभी प्यास नहीं लगेगी।  फिर भी जैसे की मैंने तुम लोगों से कहा तुम मुझे देख कर भी विश्वास नहीं करते।  पिता जिन्हें मुझे सौंप देता है वे सब मेरे पास आयेगें और जो मेरे पास आता है मैं उसे कभी नहीं ठुकराऊँगा क्यूंकि मैं अपने इच्छा से नहीं बल्कि जिसने मुझे भेजा उसकी इच्छा पूरी करने के लिए स्वर्ग से उतरा हूँ। 

शुक्रवार, 22 जून 2018

प्रभु ईसा के आशीर्वचन

धन्य हैं वे जो अपने को दीन हीन समझते हैं।  स्वर्गराज्य उन्हीं का है। 
धन्य हैं वे जो नम्र हैं उन्हें प्रतिज्ञात देश प्राप्त होगा। 
धन्य हैं वे जो शोक करते हैं उन्हें सान्तवना मिलेगी
धन्य हैं वे जो धार्मिकता के भूखे और प्यासे हैं।  वे तृप्त किये जायेगें। 
धन्य हैं वे जो दयालु हैं उन पर दया की जाएगी। 
धन्य हैं वे जिनका ह्रदय निर्मल है वे ईश्वर के दर्शन करेगें। 
धन्य हैं वे जो मेल करते हैं।  वे ईश्वर के दर्शन करेगें। 
धन्य हैं वे जो धार्मिकता के कारन अत्याचार सहते हैं स्वर्गराज्य उन्हीं का है। 
धन्य हो तुम जब लोग मेरे कारन तुम्हारा अपमान करते हैं तुम पर अत्याचार करते हैं और तरह तरह के झूठे दोष लगते हैं।  खुश हो और आनंद मनाओ -स्वर्ग में तुम्हें महान पुरस्कार प्राप्त होगा।  तुम्हारे पहले के नबियों पर भी इसी तरह अत्याचार किया गया। 
[Mt 5:3-12]